एक शान नज़र सी रोशन कोई नज़र नहीं देखि
मैंने यह सच है के आज तक उल्फ़ते नहीं देखि
तेरे हुस्रना सो ओह माँ मरियम जहाँ में कोन है हसीं
मैंने तेरी आँखों में जहाँ भर की शाफ्फकते हैं देखि
बड़ी मुहब्बतें हैं इन आँखों में के मै तेरी हो गयी
इन प्यार भरे नज़रो के सहर में खो गई
हज़ार जन्नतों से हसीं एहसास हैं यह आँखे
जिनके लिए पढने को मुझे कोई आयत नहीं मिलती
माँ मरियम तेरे से हसीं मुझे कोई और माँ नहीं मिलती
...........................ऋतू
मैंने यह सच है के आज तक उल्फ़ते नहीं देखि
तेरे हुस्रना सो ओह माँ मरियम जहाँ में कोन है हसीं
मैंने तेरी आँखों में जहाँ भर की शाफ्फकते हैं देखि
बड़ी मुहब्बतें हैं इन आँखों में के मै तेरी हो गयी
इन प्यार भरे नज़रो के सहर में खो गई
हज़ार जन्नतों से हसीं एहसास हैं यह आँखे
जिनके लिए पढने को मुझे कोई आयत नहीं मिलती
माँ मरियम तेरे से हसीं मुझे कोई और माँ नहीं मिलती
...........................ऋतू

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